Where Is Khatu Shyam Mandir

आज हमलोग एक ऐसी स्थान के बारे में जानेंगे जो की Rajasthan के सीकरी जिले में पड़ता है जहां तकरीबन एक हजार साल पहले लोगों ने पानी के तलास में एक स्थान पर खुदाई करने लगे, उनका मक़सद खुदाई से पानी निकालने का था, पर खुदाई के बाद एक ऐसी रहस्यमई से सामना हुआ जिसको देख लोगो के होस उड़ गए।

खुदाई करते करते जब 30 फिट नीचे उतरे तो उन्हें एक छोटा सा बक्सा मिला जिसपे लिखा हुआ था बड़बड़ी, दोस्तो आपको विश्वास नहीं होगा पर ये महाभारत समय के बड़बडी नामक व्यक्ति का सर रखा हुआ था।

तो दोस्तो आज हमलोग बात करेंगे श्री khatu shyam mandir के बारे में जहा रखा हुआ है, असली बड़बड़ी का मस्तक , दोस्तो जब ये बक्सा मिला तो खुदाई करने वाले मजदूर उस समय का राजा रूप सिंह के पास लेकर पहुंचे और सारी कहानी बताई, उस वक्त राजा को कुछ समझ नहीं आया।

राजा रूप सिंह के पास एक ब्राह्मण पहुंचे और बड़बड़ी के बारे में सारी कहानी बताए , दोस्तो जिस mandir में बड़बड़ी का मस्तक स्थित है उस mandir का नाम है khatu Shyam Mandir।

बड़बड़ी घटुतकच और नाग कन्या का पुत्र थे , और बचपन से ही वीर और महान योद्धा थे, उन्होंने शिव जी का घोर तपस्या करके उन्हे प्रसन्न किया और वरदान में 3 अमुक बाड़ प्राप्त किए।

जब महाभारत का युद्ध का समाचार बड़बड़ी को मिला तो उन्हें भी इस युद्ध में सामिल होने का इच्छा किया, इसके बाद जब युद्ध में जानें के लिए आशीर्वाद लेने अपने मां के पास गए तो उन्होंने हरे हुए पक्छ का साथ देने का आशीर्वाद दिया। Khatu Shyam जी का तो नारा ही है “हारे का सहारा, बाबा Shyam हमारा”

श्री कृष्ण तो जानते ही थे की हार तो कौरवों के ही होगी, पर बड़बड़ी कौरवों का साथ दे दिया तो पक्छ उल्टा होजाएगा। इसलिए बड़बड़ी को युद्ध में जानें से रोकने के लिए श्री कृष्ण ने ब्राम्हण के रूप धारण किए।

श्री कृष्ण ने बड़बड़ी से दान इच्छा व्यक्त की  बड़बड़ी वीर होने के साथ दयालु भी थे। इसीलिए उन्होंने ब्राम्हण को दान देने के लिए वचन दे दिया , दान में श्री कृष्ण ने बड़बड़ी का सीस दान में मांगा फिर बड़बड़ी थोड़ी देर अचंभित रहे पर वो दान देने के लिए वचन दे दिए थे इस लिए वो पीछे नहीं हटते और वो समझ गए थे की साधारण व्यक्ति ऐसी वचन तो मांग नही सकता फिर बड़बड़ी ने ब्राम्हण को अपनी वास्तविक रूप में आने की प्रार्थना की, ये सुनकर श्री कृष्ण अपने असली रूप में आगए।

श्री कृष्ण ने वास्तविक रूप में आकर ऐसी वचन मांगने का कारण भी बताया, सारी बाते सुनकर बड़बड़ी ने कहा मैं सारी युद्ध अपने आंखो से देखना चाहता हुं, इस प्रार्थना को श्री कृष्ण ने स्वीकार किया, बड़बड़ी के एस स्वीकार से श्री कृष्ण ने बड़बड़ी को सर्वस्रेस्ट वीर का उपाधि दिया , फिर उनके सिस्य को एक पहाड़ी पर रख दिया गया जहां से वो सारी युद्ध देख सकते थे , युद्ध खत्म होने के बाद पांडवो में आपसी विवाद होने लगा की युद्ध में श्रेय किसे मिलना चाहिए।

श्री कृष्ण ने कहां बड़बड़ी ने सम्पूर्ण युद्ध देखा है , उससे बेहतर निर्णायक कौन हो सकता है, ये बात सुनकर साबलोग सहमत हो गए फिर सबलोग पहाड़ की ओर जानें लगे जहां बड़बड़ी का मस्तक रखा हुआ था। बड़बड़ी ने कहा हमें तो सारी युद्ध में सुदर्शन चक्र ही दिख रहा था इसलिए युद्ध का असली श्रेय श्री कृष्ण को ही देना चाहिए।

Who Is khatu Shyam

श्री कृष्ण ने बड़बड़ी के निर्णय से प्रसन्न होकर असीरवाद दिया की कलयुग में बड़बड़ी khatu Shyam के नाम से पूजे जाएंगे। बड़बड़ी के सिर को khatu Shyam नगर में दफनाया गया जो वर्तमान में Rajasthan के सीकर जिले में पड़ता है।

Khatu Shyam Mandir को भारतीय धर्म में एक श्रेष्ठ mandir माना जाता है जिसमें भगवान श्री khatu shyam जी की प्राचीन मूर्ति स्थापित है। यहां के स्राधालु भगवान की कृपा और आशीर्वाद की कामना करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। Mandir के पास श्री shyam बाबा के समाधि स्थल भी है जिसे भक्त विशेष आदर से दर्शन करते हैं।

  • Khatu Shyam Date And Time 

बड़बड़ी के माता पिता हिडिंब वन में बड़बड़ी को जन्म दिया जन्म के समय बड़बड़ी का बाल बब्बर सेर कि तरह था इसलिए बालक का नाम बड़बड़ी रखा , यह हिडिंब वन का स्थान वर्तमान में Himachal Pradesh में पड़ता है , जन्म के बाद बड़बड़ी को श्री कृष्ण के पास ले गए इसपर श्री कृष्ण ने सुहिर्दिया नाम दिया।

Best Month For Visit Khatu shayam Mandir

वैसे तो khatu shyam mandir आप हर दिन जा सकते है, पर एकादशी के दिन khatu Shyam बाबा के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त रहता है और इस दिन Khatu Shyam Mandir में काफी भिड़ भी होता है, हमारे अनुसार आप अगर आप खाटू श्याम मन्दिर का शुभ मुहूर्त में जाना चाहते हैं तो आप एकादशी के दिन जाए।

Khatu Shyam को कौन सा फूल पसंद है?

बाबा khatu Shyam को गुलाब फूल बेहद पसंद है, पर आखिर गुलाब फूल ही क्यों चढ़ाते है? हिन्दू धर्म में फूलो का विशेस महत्वपूर्ण माना गया है, फूलो के बिना पूजा करना अधूरा माना जाता है। फूलो के लिए सारदा तिलक नाथ पुस्तक में भी वर्णन किया गया है की देवताओं का मस्तक पुष्प से सदैव सुसोभित रहना चाहिए।

वैसे तो बाबा khatu shyam को कोई भी फूल चढ़ाया जा सकता है पर गुलाब का फूल बाबा khatu shyam को अधिक प्रिय है , इसका वर्णन अनेक धर्म ग्रंथों में भी किया गया है।

मन्नताओ के अनुसार गुलाब का फूल अर्पित करने से बाबा khatu shyam अति प्रसन्न होते है अपने भक्तो की हर मनोकामना पूर्ण करते है , गुलाब के फूल को प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है , जब भक्त बाबा khatu shyam को अर्पित करते है तब भक्त में प्रेम और श्रद्धा भी होता है और भक्त भगवान को फूल अर्पित कर के अपने गलतियों का माफ़ी भी मांगते है।

साथ ही बाबा Shyam को प्रसन्न करने के लिए गुलाब का फूल और फूल माला का उपयोग करते है। वैसे तो बाबा khatu shyam को ये सारी फूल चढ़ाए जाते हैं।

कमल

मोलश्री

जूही

गेवड़ा

अशोक

चमेली

कदम

मालती

गेंदा

गुलाब आदि

Khatu shyam कौन सा रेलवे स्टेशन है?

बाबा khatu shyam Mandir जाने के लिए नजदीकी railway station कि बात करे तो यहां 3 railway station मौजूद है जहां से आप बाबा khatu shyam mandir पहुंच सकते हैं।

Ringas Railway Station : अगर आप khatu Shyam Mandir जाने को सोच रहे हैं तो सबसे पहला कोसीस आपको ringas railway station का ही ticket लेने के बारे मे सोचना है। यहां से khatu Shyam Mandir सबसे नजदीक है और यहां से khatu Shyam Mandir के लिए jeep या bus से ₹50 से ₹70 रुपए मे khatu Shyam Mandir पहुंच जायेंगे।

Sikar Junction : यहा से आप ₹60 रुपए में साधारण bus द्वारा या ₹100 रुपए में ac bus द्वारा khatu Shyam Mandir पहुंच सकते हैं।

Jaipur Junction : इस station को हमने 3 number पर इस लिए रखा है, क्यों की Khatu Shyam Mandir का दूरी यहां से काफी दूरी पर है और jaipur से जानें का किराया भी बहुत ज्यादा है। यहां से khatu shyam mandir के लिए bus मिल जाती है, ये bus आपको रिंग्स मोड़ तक लेजाएगी फिर यहां से आप taxi के सहारे khatu Shyam Mandir पहुंच सकते हैं।

Khatu Shyam की पूजा घर पर कैसे करें?

अब हमलोग जानेंगे की घर पर khatu Shyam की पूजा कैसे करें। आपको मैं बस इतना समझ लो की भगवान सिर्फ प्रेम का भूखा हैं, अगर आपका मन सच्चा होगा और दिल में श्रद्धा होगा तो भगवान आपकी अर्जी जरूर स्वीकार करेंगे।

अगर आप घर में khatu Shyam जी की पूजा करते हैं तो आपके घर में ये सब होनी चहिए;

एक khatu Shyam जी की photo या मूर्ति होनी चाहिए।

इसके साथ साथ khatu Shyam बाबा के लिए पुष्प, धूप, द्विप, नविद्याम होनी ही चाहिए।

Khatu shyam बाबा के लिए पुष्प माला होनी ही चाहिए। अगर गुलाब की फुल हो तो अति उत्तम अगर नहीं है तो हमारे लिस्ट के अनुसर कोई भी फूल उपयोग मे आजाएगा।

इसके साथ साथ khatu shyam बाबा के photo या मूर्ति को इत्र और दही से नहलाकर रेशम के धागे से पोछना है, उसके बाद आपको photo पर पुष्प का माला चढ़ाना है।

अब पूजन करने से पहले ज्योत ले यानी की घी का दिए जलाए, धुप जलाए, अगरबत्ती जलाएं। अब बारी आती है बाबा को भोग लगाने की, तो भोग लगाने के लिए आप चूरमा या मावे का पेड़े भोग में लगा सकते है।

इसके बाद आपको khatu Shyam बाबा की आरती करनी है, आरती करने के बाद आपको khatu shyam बाबा की जयकारे लगानी है। जैसे की; जय हो khatu वाले shyam, जय श्री shyam, जय हो शिष्य दानी, जय कलयुग की देव, जय हो khatu नरेश, जय हो khatu वाले नाथ की, जय मोरवे लीले की, अश्वार की जय, लख्वार की जय, हारे की सहारे की जय, इसके साथ साथ shyam बाबा के पास ये बाते जरूर बोलिएगा।

Shyam बाबा तू मेरा मैं तेरा बाबा -3 इसके साथ साथ आप अपने सारे देवी देवताओं को पूजा करना नही भूलिए आप अपने कुल देवी का भी पूजा करें।

ये जानकारी amazing vlog website के मदद से अपलोड किया गया है।

 

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